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साधारण भेंट पर असाधारण बातें

वृत्तांत

मई माह का सोलहवां दिन और ग्राम पाठशाला के सृजक लालबहार से मिलने का कार्यक्रम बना। ऐसे परस्पर सहमति से सब तय हुआ।


उलझन सुलझन (मासिक) का प्रतिनिधि उनके आवास तक कर्तव्यनिष्ठ संयोग की सहायता से पहुंचा और लगभग पैंतालीस मिनट वो सब लोग साथ थे। 
बातें बहुत-सी हुईं और सभी सारगर्भित। यह विशेष और दुर्लभ अवसर था जब केंद्र में ग्राम पाठशाला विषय था जबकि बातें विविधता भरी थीं। इसी दौरान ग्राम पाठशाला के राजस्थान के प्रस्तावित भ्रमण के प्लानिंग में होने का पता चला। यह प्लान अभी शैशव अवस्था ही में है। फिर भी मैने शुभकामनाएं दीं और कुछ उपयोगी सुझाव भी। इसका डॉक्यूमेंटेशन यद्यपि मामूली सा एक प्रयास है, लेकिन यह भेंट एक विशेष यादगार है। अतः इन शब्दों को संरक्षित कर लिया है। इसी क्रम में दिल्ली के झडोदा में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर की मीटिंग का उल्लेख किया, जो कल हुई। उसका विवरण इस प्रकार है -
"हम तो अपने गाँव की लाइब्रेरी में पढ़कर ही ट्रेनिंग सेंटर तक पहुँचे हैं.."
कल झडोदा स्थित दिल्ली पुलिस की ट्रेनिंग अकादमी में दिन भर टीम ग्राम पाठशाला ने दिल्ली पुलिस के हजारों प्रशिक्षुओं को उनके गाँवों में लाइब्रेरी निर्माण के लिए प्रेरित करने हेतु जन-जागरण अभियान चलाया।
इस दौरान टीम ग्राम पाठशाला के लिए उस समय बड़ी भावुक स्थिति बन गई जब बहुत से प्रशिक्षुओं ने बताया कि वे खुद ही टीम ग्राम पाठशाला के अभियान के तहत बनी उनके गाँव की लाइब्रेरी में पढ़कर ही यहाँ तक पहुँचे हैं।
पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में आमतौर पर पद और कर्तव्य के संकल्प लेने की बुलंद आवाजें सुनने को मिलती हैं लेकिन कल प्रशिक्षण केंद्र में दिन भर एक और संकल्प की गूंज सुनाई दी, जब सभी प्रशिक्षुओं ने संकल्प लिया..*मैं संकल्प लेता हूँ कि अपने गाँव में एक निःशुल्क लाइब्रेरी बनाने का प्रयास करूँगा...*
टीम ग्राम पाठशाला को पूर्ण विश्वास है कि देश के अलग-अलग राज्यों के हजारों गाँवों से आए ये प्रशिक्षु अपने-अपने गाँवों में लाइब्रेरी अवश्य बनवाएंगे।
टीम ग्राम पाठशाला दिल्ली पुलिस ट्रेनिंग अकादमी में जन-जागरण का अवसर दिए जाने के लिए Special Commissioner of Police श्रीमती छाया शर्मा मैडम, श्री राजेश राठी जी, श्री संजीव कुमार जी, श्री यशपाल यादव जी सहित दिल्ली पुलिस के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों की तहेदिल से आभारी है!
प्रतिनिधि, उलझन सुलझन (मासिक)

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