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विजेता की संकल्पबद्ध कलम से

हाईस्कूल की सफलता पर उलझन सुलझन से बातचीत

(अगस्त 2022)

उन्नायकों का कोना दसवीं के विजेता की कलम से

मैंने जब अपनी शिक्षा आरम्भ की तो पूरे मन के साथ बिना किसी पूर्वाग्रह के। इसका प्रभाव यह हुआ कि मेरी आरम्भिक शिक्षा से ही उत्साहवर्धक परिणाम आते रहे। मेरे परिजनों ने मुझे भरपूर सहयोग दिया। हाईस्कूल तक आते-आत बोर्ड की परीक्षा होने के कारण घर वालों ने तैयारी करने की पूरी छूट दे दी। परिणाम अकल्पनीय रूप से सामने था 92% अंकों के साथ। मुझे मुजफ्फरनगर जिले में दसवीं कक्षा में शीर्षस्थ स्थान प्राप्त हुआ था। मेरा परीक्षाफल आते ही चारों ओर से बधाइयाँ आने लगीं। इतनी बधाइयाँ मिलीं तो मुझे भी और मेरे परिजनों को भी लगा कि ये समाज की ओर से मुझको आशीष मिल रहे हैं। अब जिले में प्रथम स्थान आने से मेरी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। और! लक्ष्य इंटरमीडिएट है जिसमें और समर्पित भाव से काम करूँगा। मेरा इरादा इंजीनिरिंग में कुछ उपलब्धि अर्जित करने का है।

देवांश सुपुत्र श्री वीरेंद्र जी, (मंतोड़ी, मुज़फ्फ़रनगर)

इंटर की सफलता पर प्रकाशित समाचार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (यूपी बोर्ड) की इंटर की परीक्षा में मीरापुर क्षेत्र के गांव मंतौडी निवासी देवांश कुमार ने जिले में अव्वल स्थान हासिल किया। देवांश हाईस्कूल की परीक्षा में भी जिला टॉपर रह चुके है। देवांश के पिता किसान हैं और माता गृहणी हैं। देवांश ने 95,40 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हैं, जबकि इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा में शहर के मौहल्ला साकेत के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के इकलौते पुत्र ने अप्रत्याशित सफलता अर्जित करते हुए जिला मेरिट में पहला नम्बर हासिल किया है। 95.33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले देवांश का सपना यूपीएससी परीक्षा को क्रैक करना है। शनिवार को दोपहर बाद यूपी बोर्ड द्वारा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया। इस बार इन दोनों ही परीक्षाओं में लड़कियों का जिला मेरिट के टॉप थ्री में कोई हो चुकी हैं। श्लोक की उपलब्धि से उसके स्कूल के साथ ही परिवार में भी दिवाली जैसा वातावरण बना नजर आया। श्लोक ने बताया कि उसने परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक लाने का लक्ष्य तय करते हुए अपनी तैयारी की थी और परीक्षा के दौरान वो मोबाइल तथा टीवी से पूरी तरह से दूर रहे। श्लोक का कहना है कि वो पिता की सरकारी सेवा से प्रभावित रहे और सिविल सर्विस में जाने का सपना है। इसके लिए वो यूपीएससी की परीक्षा को क्रैक करने का सपना लेकर तैयारी कर रहे हैं। श्लोक ने इस सफलता के लिए अपने माता पिता और विद्यालय के गुरुजनों को श्रेय दिया। श्लोक ने 600 में से 571 अंक प्राप्त किये हैं। श्लोक के पिता सुरेश चंद्र यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर रहे हैं। वो करीब तीन साल पहले रिटायर हो चुके हैं। श्लोक अपने परिवार में इकलौता लड़का है। 

जनवाणी समाचारपत्र से साभार

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