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छात्रों को अपने समय का बुद्धिमानी से उपयोग करना चाहिए - हरभजन सिंह

अवसर

चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में विश्वविद्यालय का 22वां स्थापना दिवस समारोह मंगलवार को मनाया गया। इस दौरान कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक मौजूद रहे। वहीं बतौर मुख्य अतिथि नई दिल्ली स्थित जेवियर लेबर रिलेशंस इंस्टीट्यूट के चीफ ऑफ स्ट्रेटजी एंड एचआर सरदार हरभजन सिंह  एवं  ग्रामीण विकास मंत्रालय के पूर्व निदेशक डॉ. महिपाल विश्वविद्यालय पहुंचे।


विश्वविद्यालय परिसर

सूचना स्रोत

पंजाब न्यूज़लाइन 

स्थान और तिथि

चंडीगढ़, 2 अप्रैल

अतिथिगण 

हरभजन सिंह (मुख्य अतिथि),  डॉ. महिपाल (मुख्य वक्ता)।

मुख्य अतिथि का संबोधन

"छात्रों को अपने समय का बुद्धिमानी से उपयोग करना चाहिए और जीवन में प्रगति के लिए दिशा निर्धारित करनी चाहिए। विद्यार्थियों द्वारा अपने शैक्षणिक जीवन में किये गये प्रयास जीवन के हर पहलू में उपयोगी होते हैं। ज्ञान और शिक्षा परिवर्तन के व्यापक माध्यम हैं।' ये विचार जेवियर लेबर रिलेशंस इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली के मुख्य रणनीति एवं मानव संसाधन हरभजन सिंह ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर व्यक्त किए। 

हरभजन सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन में जो भी कार्य करना चाहिए उसे पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने न केवल अपने जीवन के अनुभव साझा किये बल्कि विद्यार्थियों को लघु विश्लेषण एवं व्यक्तित्व विकास की विभिन्न विधियों के बारे में भी विस्तार से बताया।

मुख्य वक्ता का संबोधन

मुख्य वक्ता के रूप में ग्रामीण विकास मंत्रालय के पूर्व निदेशक डॉ. महिपाल  ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थान शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शोध का उद्देश्य न केवल अकादमिक जगत को लाभ पहुंचाना है, बल्कि यह सामाजिक प्रासंगिकता वाले शोध विषयों के चयन की भी मांग करता है। उन्होंने संचार प्रणालियों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और कहा कि खुद को बेहतर ढंग से अभिव्यक्त करके छात्र अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

कुलपति का संबोधन

कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने कहा कि चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के विभिन्न मानकों को हासिल करने की दिशा में लगातार नए प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय के छात्र हर क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

विश्वविद्यालय विवरण

कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना 2 अप्रैल 2003 को हुई थी। विवि का नाम भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल के नाम पर रखा गया है। विश्वविद्यालय का 213 एकड़, 4 कनाल, 12 मरला का विशाल परिसर है। सीडीएलयू ने 22 वर्षों में कई बदलाव देखे हैं। आज यह विकास की ओर अग्रसर है और विश्व में उसका अपना नाम है। विदेशों के नामी विश्वविद्यालयों के साथ सीडीएलयू ने एमओयू साइन किए हैं। हर क्षेत्र में वह अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

गूगल से साभार

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