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सटीक और पूर्वाग्रह रहित आत्मावलोकन

राजस्थान में कोरोना काल के समय बच्चों का जो लर्निंग लॉस हुआ व उससे उनका सीखने का गैप भी बढ़ा था। उसको कम करने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा लगातार कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।उनमें एक राजस्थान में शिक्षा के बढ़ते कदम (RKSMBK) कार्यक्रम है। इसमें मैंने बच्चों के साथ जो उनकी दक्षताएं बढ़ाने हेतु कार्य किया है; जैसे हिंदी भाषा में बच्चों की प्रगति बढ़ाने हेतु RKSMBK एप पर बच्चों के प्रदर्शन को देखकर जिन दक्षताओं पर अभ्यास की जरूरत है। उनको कक्षा-कक्ष में सुबह के समय वर्क बुक से निरंतर अभ्यास करवाया गया। 

आकलन पत्रक के माध्यम से बच्चों का आकलन


किया गया। फिर दोबारा से विभाग द्वारा समय समय पर जारी अभ्यास प्रश्न पत्र के माध्यम से अभ्यास कार्य करवाया गया। शाला दर्पण पर अपलोड गतिविधि आधारित शिक्षण हेतु पिटारा बुक से विडियो देखकर बच्चों को विराम चिह्नों, क्रिया शब्दों, सर्वनाम, परिवेशीय वस्तुओं को देखकर वस्तुओं के नाम लिखना, प्रत्यय, शब्दों से वाक्य बनना, शब्दों से कहानी बनाना आदि गतिविधियों के माध्यम से कार्य करवाने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे गद्यांश को पढ़कर समझने लगे हैं। प्रश्नों के उत्तर सही सही लिखने लगे हैं। विराम चिह्नों का सही-सही प्रयोग करने लगे हैं। गद्यांश को पढ़कर प्रश्न बना लेते हैं। छोटे-छोटे वाक्यों से कहानी का निर्माण करने लगे हैं। इस प्रकार लगातार किए जा रहे प्रयासों से बच्चे धीरे धीरे भाषा दक्षताओं में कुशल होते जा रहे हैं। सभी बच्चों की दक्षताओं का स्तर समान हो ऐसा प्रयास लगातार किया जा रहा है।

इस तरह के कार्य ही बेस्ट प्रेक्टिस टीचर की श्रैणी में आते हैं। इनकी बदौलत ही मेरा बीकानेर निदेशालय द्वारा चयन किया गया है जी।

हंसराज हंस

     अध्यापक

महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय 

बनेठा ब्लॉक उनियारा 

जिला टोंक (राजस्थान)

उपरोक्त आकलन है एक शिक्षक महोदय का जबकि एक प्रतियोगी परीक्षा के प्रतिभागी ने देखिए कितना सटीक आकलन किया -





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