पुस्तकालयों का भ्रमण
पिछले सप्ताह टीम ग्राम पाठशाला ने नंदनगरी में दिल्ली पुलिस द्वारा संचालित दो निःशुल्क पुस्तकालयों पर जाकर बच्चों और युवाओं से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया और इनके अनुभवों से वस्तुस्थिति को जानने और समझने का प्रयास किया और पाया एक दृढ़संकल्प उनके चेहरों पर और पाया कि
"इनके लिए कोई रविवार नहीं..."
"हर रोज वही जिद, वही जुनून.."
"सपने इन्हें कुर्सी से उठने नहीं देते..."
"इनके चेहरे थके से जरूर लगते हैं..."
"लेकिन ये जीतेंगे, जरूर जीतेंगे..."
टीम ग्राम पाठशाला ने बच्चों को प्रेरित किया और उनसे अनुरोध किया कि अपने जीवन में सफल होने के बाद वे भी अपने देश और समाज को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।
प्रस्तोता - शब्दशिल्प


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