ओइम
प्रिय बेटी बबली की चालीसवीं वैवाहिक वर्षगाँठ दिनांक २९ अप्रैल २०२४ पर चाचा 'कृष्ण' की आशीषी बधाई
'अशोक' और 'बबली' दोनों को चाचा की आशीष बधाई।
वर्षगाँठ शादी की शुभ हो आशीषी आवाज है आई।
जीवन में बस खुशियों की ही महकी पायें पावन बेला।
रिद्धि-सिद्धि, समृद्धि का ही लगा मिले जीवन में मेला।
याद मुझे लखनऊ के पल हैं जब तुम सुन्दर नन्ही परी थीं।
अनजाने में कूदीं छत से बन्द सभी की सांस करी थी।
प्यार हमारा परखन की ही तब तेरे मन में आई थी।
बहे प्यार में आँसू लखकर ही तू थोड़ा मुस्काई थी।
मम्मी-पापा और चाची ने प्यार स्वयं का है बरसाया।
भरा टोकरा आशीषों का देवलोक से है भिजवाया।
'उमंग' उमंगित संग 'पल्लवी' तुम दोनों में श्रद्धा रखते।
घर में प्रेम सदा लहराये यत्न यही दिखते हैं करते।
'गुंजन' और 'नितिन' भी देखो आज हिय उल्लास लिये हैं।
'कियान' 'सुवानी' नाना-नानी उर पावन स्थान लिये हैं।
खुशी-खुशी ही जीवन बीते वर्षगाँठ यह आती जावे।
हीरक जयन्ती शादी की ये जीवन में आकर मुस्कावे।
दिनांक - 29.04.2024
कृष्ण चाचा
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