नोएडा. यूपी पुलिस परीक्षा भर्ती में पेपर लीक मामले में एक आरोपी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान प्रमोद कुमार पाठक के रूप में हुई है। आरोपी को वर्ष 2022 में वायु सेना से बर्खास्त कर दिया गया था। आरोपी नोएडा के सेक्टर-37 में रहता था। उसके पास से एक फर्जी आधार कार्ड, एक वायुसेना फर्जी की आईडी, 26 एडमिट कार्ड, 38 बैंक चेक, 14 पुलिस भर्ती से संबंधित प्रश्नपत्र मिले हैं।
17 और 18 फरवरी को उप्र पुलिस भर्ती के दौरान पेपर लीक हो गया था, इस कारण भर्ती निरस्त कर दी गई थी। 5 मार्च 2023 को मुखबीर से सूचना मिली कि मोनू पंडित निवासी मथुरा उसका एक साथी इस परीक्षा का पेपर लीक करने वाले गिरोह का सरगना दिल्ली के मुखर्जी नगर में रह रहा है और पेपर दे रहे लड़कों को साल्वर के तौर पर बैठाने की फिराक में है। सूचना पर एसटीएफ ने दिल्ली में रेड की।
सूचना मिलते ही पुलिस मुखर्जी नगर पहुंची. यहां एक तिराहे पर तीन युवक खड़े थे. मुखबिर के इशारा करते ही प्रमोद कुमार पाठक को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के समय उसने बताया कि वो एयरफोर्स में कारपोरल के पद पर है. उसने एयरफोर्स की आईडी भी दिखाई, जिसके बाद उच्च अधिकारियों से संपर्क किया गया. पूछताछ में पहले उसने कहा कि पेपर लीक वाले गैंग और उसके सदस्यों से न तो कोई संपर्क है और न ही वह उनमें से किसी को जनता है. इसके बाद उसके दोनों मोबाइल चेक किए गए.
मोबाइल चेक करने उसमें पेपर लीक कराने से संबंधित कई चैट्स मिले। साथ ही एक चैट्स में खुद का नंबर ट्रेस पर लगे होने की बात कही गई। मैसेज करने वाला व्यक्ति सीपीसीबी की परीक्षा में काम हो जाने की बात पूछ रहा था। कड़ाई से पूछताछ में बताया कि स्वयं को वायु सेना में कार्यरत बताकर परीक्षा में बैठने वाले युवकों को पेपर लीक कर देने की एवज में 3 लाख से लेकर 14-15 लाख रुपये तक लेता था। उसने बताया कि मेरा चचेरा साला मोहन, निवासी अलीगढ़, झांसी के मुकदमे में वांछित मोनू पंडित , गौरव, अशीष पालीवाल के साथ मिलकर पेपर लीक कराने और साल्वर बैठाने का काम करते हैं।
यही नहीं उसने बताया कि वायु सेना से 2022 में बर्खास्त हो गया था। उससे प्राप्त की गई आईडी आरिजनल आईडी कार्ड का कलर स्कैन कराया हुआ है। इस कार्ड को फर्जी तरीके से प्रयोग कर रहा था। उसने बताया कि मेरे पास पेपर बनारस के अखिलेश यादव और लखनऊ के राहुल ने भेजा था। यही नहीं एक युवक को आरओ का पेपर कराने की एवज में पैसे के लेन-देन की बात हो रही थी। आरोपी को हिरासत में लेकर एसटीएफ नोएडा सेक्टर 37 में बने घर पहुंची। घर से जो 14 एडमिट कार्ड मिले वो सभी हरियाण स्टाफ सलेक्शन परीक्षा से संबंधित कार्ड हैं।
इसके पास से एक लाल डायरी भी बरामद की गई है। पूछताछ में यह भी बताया कि वर्ष 2017 से यह कार्य कर रहा है। 2018 में मोनू पंडित जो उसके साथ ही पढ़ा है, को साथ लेकर काम करना शुरू किया था। 2023 में केंद्रीय विद्यालय की परीक्षा का पेपर लीक कराया था, जिसमें बनारस का साथी जेल गया था। यही नहीं यूपी फॉरेस्ट 2022 की परीक्षा भी अखिलेश के साथ मिलकर लीक कराई गई। इसके अलावा 2019 में जेल वॉर्डन की परीक्षा का पेपर लीक कराया। इसके अलावा आरोपी के कब्जे से पेपर के 2 सेट कुल 14 पेज बरामद हुए। बताया कि यह वही पेपर है जो उप्र पुलिस परीक्षा में दूसरी पाली में आया था। यह पेपर 18 फरवरी की सुबह चार बजे आया और यही पेपर निरस्त कर दिया गया। मामले में STF ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा और साथ ही सेक्टर 39 थाना क्षेत्र में मुकदमा भी दर्ज कराया है।
Quora से साभार
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