पिछले दिनों गुरुग्राम निवासी एक व्यक्ति ने फोन कर ग्राम पाठशाला के कारीधारियों को बताया कि उनका नाम संजीव कपूर है और कुछ दिनों पहले उनकी माताजी श्रीमती स्वर्णकौर का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने आगे कहा कि उनकी माताजी के बैंक अकाउंट में 10,000/- जमा हैं और उनकी माताजी की इच्छा थी कि उनके निधन के बाद उनके बैंक अकाउंट का यह पैसा किसी पवित्र कार्य के लिए दान कर दिया जाए।
इसके बाद संजीव कपूर जी ने कहा कि उन्हें लगता है कि अगर वह इस पैसे को किसी गाँव में जाकर गाँव की लाइब्रेरी के लिये दान करेंगे तो उस राशि से मिलने वाली सुविधाओं से लाभान्वित होने वाले बच्चों की प्रसन्नता से शायद उनकी माताजी की आत्मा को सबसे ज्यादा खुशी मिलेगी।
फिर कुछ दिन बाद संजीव कपूर जी ग्रेटर नोएडा आए और दो गाँवों के पुस्तकालयों पर जाकर पाँच-पाँच हजार रुपये दान करके चले गए।

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