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पहला ॐ शांति साहित्य गौरव सम्मान

शनिवार, 9 मार्च, 2024 को दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज में ॐ शांति साहित्य मेमोरियल, दिल्ली के तत्वावधान में 'सम्मान समारोह एवं काव्य गोष्ठी' का आयोजन हुआ।

सुविख्यात कवि श्री नरेश शांडिल्य ने अपने पिता स्व. ओम प्रकाश शर्मा एवं माता स्व. शांति देवी की स्मृति में इस सम्मान की श्रृंखला की शुरुआत करते हुए पहला ॐ शांति साहित्य गौरव सम्मान वरिष्ठ कवि श्री राजेश्वर वशिष्ठ को प्रदान किया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी साहित्य की वरिष्ठ काव्य विभूति श्रद्धेय श्री बालस्वरूप राही ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर मंच को गरिमा प्रदान की उद्भट भाषा विज्ञानी प्रोफेसर विमलेश कान्ति वर्मा ने और वैश्विक हिन्दी परिवार के अध्यक्ष, कवि श्री अनिल जोशी के सान्निध्य में हुए इस कार्यक्रम का संचालन कवि-शायर श्री ताराचन्द ‘नादान’ ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ हंसराज कॉलेज के अतिथि आचार्य डॉ. गुंजन कुमार झा के संगीत-विद्यार्थियों ने सरस और सुमधुर सरस्वती वंदना से किया। तत्पश्चात ॐ शांति साहित्य मेमोरियल, दिल्ली के अध्यक्ष श्री नरेश शांडिल्य ने मेमोरियल और इस सम्मान की परिकल्पना का विवरण साझा किया।

कवि राजेश्वर वशिष्ठ को कविता के क्षेत्र में उनके स्तरीय अवदान के लिए यह सम्मान श्री नरेश शांडिल्य और उनकी अर्धांगिनी श्रीमती पुष्पांजलि शांडिल्य ने माला, शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और ग्यारह हजार रुपये की धनराशि अर्पित कर प्रदान किया। इस अवसर पर अतिथिगणों के साथ श्री नरेश शांडिल्य और श्री राजेश्वर वशिष्ठ के आत्मीय परिजन भी मौजूद रहे। 

इस कार्यक्रम में दिल्ली, गुड़गाँव, गाज़ियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, देहरादून आदि से 50 से अधिक जानेमाने कवि, साहित्यकार और कविता प्रेमी उपस्थित रहे व 30 से अधिक कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ भी किया।

मंचासीन कवियों के अलावा सभागार में श्री राजेश चेतन, श्री सुरेश खांडवेकर, श्री अतुल प्रभाकर, डॉ. प्रमोद शास्त्री, श्री राजेश गोगना, श्री प्रतिबिंब शर्मा, श्री जवाहर कर्णावट, श्री शशिकांत, श्री अनिल वर्मा ‘मीत’, श्री अम्बर खरबन्दा, श्री अवेद्य आलोक, श्री सपन भट्टाचार्य, श्री अरविन्द ‘असर’, श्री मनोज अबोध, सुश्री रूबी मोहंती, डॉ. तारा सिंह, सुश्री शैलजा सिंह, सुश्री कल्याणी शर्मा, सुश्री शारदा मित्तल, सुश्री प्रीति मिश्रा, सुश्री सरोज शर्मा, सुश्री पुष्पांजलि शांडिल्य, श्री अश्विनी शर्मा, श्री सत्यपाल चावला, श्री रवि ऋषि, श्री आचार्य अनमोल, श्री विनयशील चतुर्वेदी, श्री सागर तथा परिजन एवं मित्रगण उपस्थित रहे। 

अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सुश्री कल्याणी शर्मा ने कार्यक्रम हेतु सभागार उपलब्ध करवाने के लिए प्राचार्या प्रोफेसर रमा का विशेष आभार प्रकट किया। कार्यक्रम संयोजन में हंसराज कॉलेज के आचार्य डॉ. विजय कुमार मिश्रा का सहयोग भी उल्लेखनीय रहा।

सूचना स्रोत - कवयित्री शैलजा जी; 

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