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शिक्षा के बढ़ते कदम

कोरोना विश्व भर के लिए एक दारुण स्थिति तो थी ही साथ ही यह विश्व भर के समाज के लिए उनके शोधों और प्रकृति की अनदेखी को लेकर एक चेतावनी भी थी। इसका प्रभाव चहुं ओर पड़ा और राजस्थान राज्य में भी कोरोना महामारी में दो वर्ष तक बच्चों का विद्यालय से जुड़ाव न होने के कारण बच्चों का पर्याप्त 'लर्निंग लॉस' हुआ है व 'सीखने का गैप' भी बढ़ा। इसको लेकर मंथन शुरू हुआ तो ऐसी अवांछित स्थितियों को समयबद्ध तरीके से नियंत्रित करने के करने के ध्येय से तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा 'राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम' कार्यक्रम की शुरुआत की गई। 
इसमें बच्चों के लिए प्रत्येक कक्षा स्तर की दक्षता को पूरा करने के लिए कक्षा 3-8 तक राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उदयपुर द्वारा पर्याप्त शोध उपरांत वर्कबुक का निर्माण किया गया। साथ ही निवर्तमान शिक्षा शासन सचिव श्री नवीन जैन जी द्वारा शिक्षकों को प्रोत्साहित करके दक्षता आधारित अपनी कक्षाकक्ष की शिक्षण प्रक्रियाओं के दो-दो तीन-तीन मिनट के विडियो बनाकर 'शिक्षक सितारे' कार्यक्रम का आगाज किया गया। 

ऐसी विडियोज व उन शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर राज्य स्तर पर 'पिटारा' नाम से एक पुस्तक प्रकाशित करवाई गई


व उसमें पूरे राजस्थान राज्य से  चयनित चौवन शिक्षकों को जिनका कार्य बेहतर था उनको गौरवान्वित किया गया। जयपुर बुलाकर उनको 'शिक्षक सितारे' अवार्ड से विभूषित किया गया। 
शिक्षक हंसराज जी भी उन शिक्षक सितारों में सम्मिलित रहे। याद अनूठा अवसर था शिक्षा विभाग के सबसे बड़े अधिकारी के समक्ष उपस्थित हो सम्मान पाने का।
समाचार पत्र की कार्यक्रम प्रस्तुति

राज्य शैक्षिक संगोष्ठी में भाग लेंगे जिले के 4 शिक्षक

गौरव महिमा

टोंक/निर्भय राम मीना। निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर द्वारा 30 नवंबर एवं 1 दिसंबर को सुबह 10 से शाम 5.30 बजे तक होटल रमाडा में राजस्थान शैक्षिक संगोष्ठी होगी। जिसमें जिले के 4 शिक्षक हिस्सा लेंगे। पीपलू क्षेत्र के जयकिशनपुरा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक दिनकर विजयवर्गीय, दुर्गापुरा दूनी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका ललिता पारीक, बनेठा के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के शिक्षक हंसराज तंवर, गरजेडा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक हेमंत कुमार शर्मा सहित प्रदेश के क्रिएटिव नवाचारी डिजिटल दक्ष शिक्षक शामिल होंगे। दिनकर विजयवर्गीय ने बताया कि राजस्थान शिक्षा विभाग शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए निरन्तर प्रयासरत है। विद्यार्थियों को उनके कक्षा स्तर तक लाने के लिये विभाग द्वारा राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम कार्यक्रम संचालित हैं। इस कार्यक्रम की विभागीय समीक्षा एवं इसमें शैक्षिक सहभागिता को बढ़ाने के लिये विभाग द्वारा यह संगोष्ठी की जा रही है। इसमें वर्कबुक रेमिडिएशन, असेसमेंट, एल

बेस्ड असेसमेंट, कैपेसिटी बिल्डिंग, शिक्षक एप ट्रेनिंग आदि पर भी चर्चा होगी। इस आयोजन का उद्देश्य चयनित शिक्षकों, आरईआई भागीदारों, विभाग के विभिन्न अधिकारियों और अच्छा प्रदर्शन करने वाले ब्लॉक अधिकारियों सहित विविध शिक्षाविदों के समूह को एक साथ लाना है। इस कार्यक्रम में निदेशक, माध्यमिक / प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर, आयुक्त एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा, स्कूल शिक्षा एवं राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद्, जयपुर,

निदेशक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्, उदयपुर सहित सचिवालय से रणवीर सिंह, निदेशालय से डॉ. अरूण कुमार शर्मा, जितेन्द्र राजपुरोहित, डॉ. तमन्ना तलरेजा, मोहित मान, एनआईसी जयपुर से अनिमेष पंत, विनोद जैन, राजेंद्र बीदावत, आरएससीईआरटी उदयपुर से कमलेन्द्र सिंह राणावत, ललिता जैन, समसा से तूलिका दानी श्रीमती उर्मिला चौधरी, मोटाराम भादू, देवेन्द्र जोशी, राजेश बैरवा आदि अधिकारी भाग लेंगे।

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