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कुछ नया, कुछ अनूठा और कुछ उपयोगी

 "कुछ नया, कुछ अनूठा और कुछ उपयोगी!"

उलझन सुलझन पत्र प्रकाशन समूह इसके लिए कृतसंकल्पित है और अपने इस लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए अपनी सर्वप्रथम ई-पत्रिका की संकल्पना को समर्पित पाठक वर्ग के समक्ष रखना चाहता है। यह है हमारी सर्वप्रथम  ई-पत्रिका


दोस्तो! यह जीवन बहुत दिलचस्प है। इसकी विविधता को जानने और समझने व समझाने के लिए बहुत कुछ चाहिए जो जीवन को उपयोगी और उपयोगी बना सके। इस दिशा में हमारे द्वारा किए जा रहे प्रयास आपको सदैव हमारे लक्ष्य "कुछ नया, कुछ अनूठा और कुछ उपयोगी!" को सिद्ध करते प्रतीत होंगे। यह ई-पत्रिका हमारा प्रथम प्रयास है और द्वितीय प्रयास 'उलझना नहीं सुलझाना सीखें' शीर्षक से प्रोसेसिंग में है।
हमारे प्रथम प्रयास की भूमिका को पढ़ और समझकर शायद स्थिति और स्पष्ट हो जाए।

भूमिका ('जीवन की अनुभूतियां' के लिए)

'उलझन सुलझन' (मासिक) मूलतः गंभीरता और सतर्कता के साथ आरंभ किया गया एक जागरूकता अभियान है। इस अभियान के द्वारा विविध क्षेत्रों में कार्यरत श्रेष्ठ भारतीय विभूतियों से बातचीत का सिलसिला आरंभ कर अथवा उनसे साक्षात्कार कर उनके अनुभवों से आमजन को लाभान्वित, उत्साहित और प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयास है, जो एक ई-पत्रिका 'जीवन की अनुभूतियाँ' शीर्षक से आपके सम्मुख प्रस्तुत किया जाएगा।

इस पत्रिका के लिए संकलित सामग्री को पढ़ने व समझने से पूर्व अनुभूति को समझने का प्रयास करते हैं। अनुभूति से आशय उस अनुभव से है, जो शारीरिक रूप से छूने, देखने, सुनने या सूँघने से प्राप्त होता है, जब कि विचारों से प्राप्त अनुभूति का अनुभव भावनाओं के रूप में किया जा सकता है। अनुभूति के माध्यम से मिले सुख या दुःख का अनुभव बहुत निजी और एकदम भिन्न होता है।

अनुभूति को पूर्ण रूप से समझने के लिए अनुभूति और भाव के मध्य के अंतर को समझना आवश्यक होता है। अनुभूतियों और भावनाओं का समानार्थी के रूप में अक्सर उपयोग कर लिया जाता है। लेकिन वस्तुतः ये समान नहीं हैं। उनके बीच अंतर और उनके साथ तालमेल बिठाना सफलता के लिए सर्वोपरि है।

वास्तव में अनुभूति किसी अवस्था के प्रति हमारी एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है, जो यह निर्धारित करती है कि हम प्रसन्न हैं या दुःखी, उत्साहित हैं अथवा निराश।

ऐसा भी देखने में आया है कि अनुभूतियों के ही प्रभाववश कई बार लोग अत्यधिक हतोत्साहित हो जाते हैं। वस्तुतः निराशा से घिरे जीवन की किसी भी गतिविधि का आनंद लेने के लिए आपको मन में भरे सभी नकारात्मक विचारों की अनदेखी करनी पड़ेगी। इनमें हमारी दिलचस्पी सिर्फ इसलिए कम नहीं हो जानी चाहिए कि मन अतीत की घटनाओं में उलझा रहे और उनको प्रेरणाओं के रूप में ग्रहण कर विश्लेषित कर पाने में अक्षम हो जाए।

इस ई पत्रिका के माध्यम से आमजन की अनुभूतियों को आपके समक्ष प्रस्तुत कर आपको उत्साहित और प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही इसके प्रस्तुतीकरण पर निरंतर निगाह रखकर भविष्य में इसको अधिक उपयोगी और सारगर्भित करने का प्रयास रहेगा।

ध्यान रखिए कि विभिन्न प्रकृति के अनगिनत लोगों के साक्षात्कार निश्चित रूप से जीवन को विविध परिप्रेक्ष्य में अनुभूत कराने में सहायक तो होंगे ही बल्कि इनके माध्यम से भविष्य में कुछ और गहन अनुभूतियों से भी अवगत हुआ जा सकेगा। ये साक्षात्कार आपके लिए मार्गदर्शक भी सिद्ध होंगे।

गुणवान, शिक्षाविद तथा सामाजिक उत्थान की दृष्टि से ऐसे कर्मयोगी महानुभाव जो आजीवन जनहित के कार्यों में कार्यरत रहे किन्तु समाज ऐसे व्यक्तियों से अनभिज्ञ रह गया, ऐसे ही श्रेष्ठ कार्य करने वाले सज्जनों से साक्षात्कार ही इस ई-पत्र का मुख्य उद्देश्य है।

टीम उलझन सुलझन को आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि प्रस्तुत ई-पत्रिका सभी के लिए अत्यंत उपयोगी व उपादेय सिद्ध होगी।

सम्पादक




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