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हौसला है बुलंद तो मंजिल मिलेगी है यकीन

वाहिद अली
मेरठ। पश्चिमी उप्र में बेटियों की खेल प्रतिभा को पंख लगने वाले हैं। दावा है बिजली बंबा बाईपास पर उत्तर प्रदेश की पहली महिला क्रिकेट एकेडमी खुलने वाली है। 

बताया जा रहा है कि यहां बेटियों के लिए जिम से लेकर फिटनेस कोच और अत्याधुनिक मशीनों से गेंदबाजी का अभ्यास करने की सुविधा होगी। इस एकेडमी का संचालन क्रिकेट खिलाड़ी छाया करेंगी। छाया रणजी में हरियाणा की ओर से क्रिकेट खेल रही हैं। वो कई साल से शहर में लड़कियों को क्रिकेट का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। भामाशाह पार्क से आईटीआई का खेल मैदान और अब कनोहर लाल कॉलेज में लड़कियों को क्रिकेट के गुर सिखा रही हैं। छाया की 
मां ने खिलाड़ियों के हाथों में छाले देखकर अपने खेत की जमीन पर एकेडमी का निर्माण कराने का फैसला लिया है।
एकेडमी इनिशिएटर छाया
खरखौदा निवासी छाया यूपी अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। वो दाएं हाथ की शानदार बल्लेबाज हैं। लेकिन खुद को आगे बढ़ाने का सपना लिए छाया ने मेरठ के भामाशाह पार्क में कोचिंग शुरू की। कुछ दिनों बाद उन्हें भामाशाह पार्क से साकेत स्थित आईटीआई पार्क जाने को कहा गया, क्योंकि भामाशाह पार्क के कुछ अधिकारियों को छाया का आईटीआई मैदान पर एकेडमी चलाना पसंद नहीं आया। यहां से भी उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। कुछ दिनों बाद छाया को कनोहर लाल कॉलेज के मैदान पर एकेडमी खोलने की इजाजत मिली। वर्तमान में वो यहीं पर एकेडमी चला रही हैं। यहां 50 से ज्यादा बेटियां क्रिकेट प्रशिक्षण ले रही हैं।
जनवरी में शुरू होगी एकेडमी
जनवरी से आरंभ होने जा रही एकेडमी में बेटियों को जिम, महिला गेंदबाज कोच, महिला बल्लेबाज कोच, महिला फिटनेस ट्रेनर से लेकर अत्याधुनिक मशीनों की सुविधा मिलेगी। 
एकेडमी की तैयारियां

छाया ने बताया कि अगले साल जनवरी माह में एकेडमी की शुरुआत हो जाएगी। छाया का दावा है कि यह प्रदेश की पहले महिला क्रिकेट एकेडमी होगी, जहां सिर्फ लड़कियों को ही क्रिकेट का प्रशिक्षण मिलेगा।
एकेडमी खोलने का बनाया मन
छाया ने बताया कि जब वे आईटीआई से कनोहरलाल के मैदान पर खिलाड़ियों को लेकर आई तो गंदगी थी। इसके बाद उन्होंने खिलाड़ियों के साथ मिलकर मैदान पर एकेडमी तैयार कराई। मैदान की सफाई के दौरान कोच छाया व अन्य लड़कियों के हाथों में छाले पड़ गए। छाया की मां कमलेश तोमर ने बेटियों के हाथों में छाले देखे तो उन्होंने शहर में महिलाओं के लिये क्रिकेट एकेडमी खोलने का मन बनाया। कोच छाया ने बताया उनके पिता धीरज सिंह खरखौदा में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। लेकिन वह कैंसर से पीड़ित हैं। उनकी मां गायनकोलॉजिस्ट थीं, लेकिन पिता के बीमार होने के बाद मेडिकल स्टोर देख रही हैं। बेटी छाया की मेहनत को देखते ही हुए उन्होंने महिला एकेडमी खोलने का फैसला किया। बिजली बंबा बाईपास स्थित करीब 3 हजार वर्ग मीटर खेत की जमीन में एकेडमी तैयार करा रही हैं।
अमर उजाला से साभार
शीघ्र ही पाठक छाया जी के विचारों से अवगत हो सकेंगे।



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