प्रस्तुति
जन्मदिवस पर तुमको मोहित मेरा है आशीष मनोहर।
सभी कामना मन में पनपी पूर्ण करेंगे निश्चित ईश्वर।
आशीष सदा ही देवलोक से मम्मी ने बरसाया जी भर।
हर सुख-दु:ख में साथ तुम्हारा नहीं छोड़ती वो है पल भर।
'रश्मि' स्वयं भाग्य की लक्ष्मी संबल तुमको देती दिखती।
बड़े प्रेम से भावों में ही तुमको अपनी पाती लिखती।
हंसती है तो फूल बरसते गंगा जल-सा मिली छिड़कती।
जीवन में वो पल न आवे जिसमें पायें उसे झगड़ती।।
लक्ष्य सिद्ध हो 'दिव्यांक' का जीवन में सुख ही सुख पावे।
पौत्र मेरा यह प्यारा-प्यारा खुद हर्षे सबको हर्षावे।
छोटा-सा परिवार तुम्हारा कर्म बड़े करके दिखलावे।
नाम करे घर का नित रोशन आभा जगति में फैलावे।।
मेरा तो आशीष हृदय का तुम पर पाया सदा बरसता।
देवों की भी कृपा तुम पर बरसी पाई लिये सरसता।
शत्याधिक ये जन्मदिवस की वेला देखे चन्द्र निकलता।
विफल न हो प्रयास कोई भी सदा सदा ही मिले सफलता।।
कृष्ण-पापा दिनांक 25/03/24


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