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जीवट का साक्षात उदाहरण है अक्षय

साथियो! जीवन के घटनाक्रमों पर किसी का कोई वश नहीं। वर्ष 2007 में हो रहे एक वैवाहिक समारोह में शामिल जनपद के जसाला गांव में कुछ लोगों द्वारा की गई हर्ष फायरिंग में नौ साल के अक्षय के दोनों हाथ जख्मी हो गए और बाएं हाथ में सैप्टिक हो जाने से उसको कोहनी के नीचे काट दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद दिखता है अक्षय का जीवट। उसने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीएससी करने के बाद एमएससी में प्रवेश ले लिया। फुटबाल में यूनिवर्सिटी खेलों में नार्थ जोन तक खेलने के बाद पैरा खिलाड़ी अक्षय चौहान ने एथलेटिक्स में अपना दम दिखाया है। दो बहनों के अकेले भाई ने एक हाथ गंवाने के बावजूद हौसला नहीं छोड़ा है और उसका संकल्प है कि 'हर स्तर पर कुछ कर दिखाना है'। इस संकल्प के साथ ही अक्षय पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी शानदार प्रदर्शन कर राज्य स्तर पर दो स्वर्ण पदक झटक चुके हैं। तो, साथियों आइए आज मुलाकात करते हैं जीवट के पर्याय इस साहसी युवक अक्षय से।


बातचीत
प्रश्न - अक्षय जी आप अपने बारे में बताइए।
उत्तर - सर, मेरा नाम अक्षय चौहान है। मैं ग्राम जसाला जिला शामली से हूं और मैंने स्नातक स्तर (B.Sc.) की शिक्षा सहारनपुर जनपद के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध गोचर महाविद्यालय, रामपुर मनिहारान से तथा स्नातकोत्तर (M.Sc.) स्तर की चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ कैंपस से की है।
बचपन से ही मुझे फुटबॉल का शौक था। वर्ष 2018 में मुझको फुटबॉल टीम में North Zone के लिए सलेक्ट किया गया था। मैंने पैरा खेलों में पहली बार 2020-21 में राज्य खेलों में स्वर्ण पदक जीते फिरर 2021 में नेशनल खेलों में मुझे खेलने का अवसर मिला। फिर 2024 में मुझे राज्य में स्वर्ण पदक फिर मुझे इस वर्ष राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स (जेवलिन थ्रो) चैंपियनशिप गोवा में मुझे कांसे का पदक मिला।
अक्षय से प्राप्त सूचनाओं पर आधारित






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