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प्रोत्साहन का प्रभाव

उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद का जटवारी गाँव जिसके युवाओं से हम सभी को सीखने की जरूरत है। बहुत ही प्रेरणादायी कार्य मथुरा के जटवारी गाँव के युवा कर रहे हैं। पहले तो इन्होंने अपने गाँव में घर-घर से अनाज माँगकर अपने गाँव की निःशुल्क डिजिटल लाइब्रेरी बनाई और अब सभी मिलकर अपने गाँव के युवाओं की उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती की तैयारी करा रहे हैं। इन युवाओं का लक्ष्य है कि अपने गाँव की लाइब्रेरी से कम से कम पंद्रह बच्चों का चयन कराना है। इसी उद्देश्य से लाइब्रेरी पर बच्चों के लिए फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में मॉक टेस्ट ड्रिल भी कराया गया।

अगर हम सभी अपने-अपने गाँवों में ऐसे पवित्र भाव से।प्रयास करें तो हम सभी के गाँव समृद्ध हो सकते हैं और फिर हमें अपने गाँवों को छोड़कर शहरों में बसना नहीं पड़ेगा। जटवारी गाँव में ग्राम पाठशाला की पहल पर पुस्तकालय आरंभ हुआ और! ग्राम पाठशाला की पहल पर देश भर में पुस्तकालयों की स्थापना से लेकर उनके अनुरक्षण तक में लगे ग्रामीणों ने अभियान को हाथोंहाथ लेते हुए अब चित्रकलाएँ आयोजित करनी आरंभ कर दी हैं। संस्थायें खुद सामने आने लगी हैं गाँव की लाइब्रेरियों (ग्राम पाठशालाओं) में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन करने के लिए। 

इसी क्रम में सक्षम भारती संस्था ने डॉक्टर स्नेह मोहन पब्लिक लाइब्रेरी में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया। उत्तम शिक्षा व स्वच्छ पर्यावरण का महत्व भी बच्चों को इस अवसर पर बताया गया। इस लाइब्रेरी आयोजन में सुरेश सबरवाल, रितु वोहरा, जगदीश लोहिया, राजकुमार लोहिया, राजकुमारी जी तथा लोकेश कुमार मुख्य सहयोगी रहे। 

वहीं जटवारी में अप्रत्याशित रूप से शिक्षा की महत्ता को समझने वाले कुछ अग्रणी लोगों ने मॉक  टैस्ट ड्रिल ही को डिजाइन कर एक ड्रिल ही का आयोजन कर दिया, जिसमें बड़ी मात्रा में छात्र और छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रस्तुत वीडियो ऐसे ही पलों को आपके साथ साझा करेगी। साधुवाद उन सभी स्वयंसेवकों को जो निरंतर अपने अपने तरीके से इस अभियान में सहभागी बने चले जा रहे हैं। इस अभियान की खूबसूरती यह है कि कहीं श्रेय लेने की कोई होड़ नहीं और सीधेसच्चे समाजों के लोग अपनी आगामी पीढ़ी की बेहतरी के लिए यथासंभव सब कुछ बरसे के लिए तत्पर हैं।






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