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मथुरा के जटवारी गांव की लाइब्रेरी की प्रथम सफलता का विवरण

वंदे मातरम साथियो! 

आज हम हैं उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले के गांव जटवारी की प्रथम नि:शुल्क डिजिटल लाइब्रेरी के प्रांगण में और मेरे साथ हैं अभी हाल ही में दिल्ली पुलिस में चयनित हुए विजय जी।  

विजय जी के पापा का नाम चंद्रपाल सिंह है और उनके परिवार में उनके दो अन्य भाई हैं,  एक भाई उनसे बड़े, जबकि एक छोटा भाई है। इनके बड़े भाई एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। तीनों भाई कॉम्पिटीशन की तैयारी कर रहे हैं। अभी अभी समाचार मिला कि विजय जी का चयन दिल्ली पुलिस में हो गया है। दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर इनका चयन हुआ है। पूरे क्षेत्र में ये इकलौते ऐसे छात्र हैं जिनका चयन गांव जटवारी की लाइब्रेरी से हुआ है। इन्होंने गांव में रहकर पढ़ाई की है। इन्होंने ग्यारहवीं  और बारहवीं अपने कस्बे शेरगढ़ से उत्तीर्ण की है और कॉम्पिटीशन की तैयारी स्थानीय लाइब्रेरी से की थी। मैंने ऑनलाइन कोर्स आरडब्ल्यूए से लिया था।  तीनों भाई लाइब्रेरी में ही पढ़ाई करते रहे हैं। इनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण बड़े भाई एक निजी कंपनी में काम करते हैं जो केवल घर का खर्चा भर ही चला पाते हैं। लेकिन उनका पूरा सहयोग रहा है हमारी पढ़ाई को लेकर जी तो उन्होंने ही हमें प्रेरित किया कि कभी हमें कमजोर ना हो और पढ़ाई के लिए लगे रहे देखो कितनी खुशी की बात है कि इनके बड़े भाई ने अपने तीनों भाइयों के सपने  बनाने के लिए जीतोड़ मेहनत करके भाइयों का खर्चा चलाया है और ये तीनों भाई आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अध्ययन हेतु शहर नहीं जा पाए हैं। यहां पर लाइब्रेरी होने से अपने घर के पास ही शहर जितनी फैसिलिटी हमें मिल रही है। हमें जिस किसी बुक की जरूरत होती है हमारे बताते ही उपलब्ध करा दी जाती है। कोई कोर्स ले पाने में असमर्थ बालक के लिए भी समिति के मेंबर  सपोर्ट करते हैं और उनके लिए बैच परचेज करके देते हैं। लाइब्रेरी की प्रबंध समिति सारी मेट्रो सिटीज के समकक्ष सुविधाएं गांव जटवारी में भी सुलभ करा रही है। गांव की लाइब्रेरी के बहुत से फायदे हैं। कोई भी जटवारी का बालक अगर शहर स्थित किसी लाइब्रेरी में जाए तो उसको न्यूनतम सत्तर किलोमीटर दूर जाना होगा और सत्तर किलोमीटर दूर अगर बच्चा पढ़ने जाएगा और डेली अप डाउन करेगा तो धन के साथ साथ समय भी व्यर्थ जाएगा। गांव के अन्य अध्ययनरत बच्चों को मेरा संदेश है कि आप लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए आएं। समझें कि एक शिक्षा ही है जो हमें अपनी आर्थिक स्थिति या फिर अपने गिरे हुए स्तर को बढ़ाने के लिए माध्यम है। आज के टाइम में लाइब्रेरी  मेन रोल निभा सकती है हमारी सफलता में। वर्तमान समय  ऑनलाइन स्टडी का है और ऑनलाइन स्टडी के लिए लाइब्रेरी से बेहतर जगह कोई हो ही नहीं सकती। हम लोग घर पर भी पढ़ाई का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं लेकिन हमें पता भी नहीं चलता कि अनेकों व्यवधान हमारे काम में स्वमेव उत्पन्न होते रहते हैं और हमें समय की बर्बादी का पता भी नहीं चल पाता। इसके अतिरिक्त लाइब्रेरी में हमारे सीनियर मदद करते हैं। हमारे समक्ष उत्पन्न हर दिक्कत या किसी प्रश्न में परेशानी खड़ी होने पर हमें पूरी सपोर्ट मिलती है। अपने बड़े भाई हैं रामदेव जी, नरेंद्र जी और गजेंद्र जी। ये हमेशा हमें सपोर्ट करते हैं। अपने कृष्ण गोला जी हैं जो कोई भी दिक्कत आने पर हमें गाइडेंस तो देते ही हैं साथ ही सवालों को चैप्टरवाइज क्लियर भी करा देते हैं। अगर बच्चे घर पर स्वयं पढ़ेंगे तो अनेक प्रकार के डिस्टरबेंस घर पर उत्पन्न हो सकते हैं और अनेक काम लग सकते हैं। गांव में बच्चों को परिवार के काम होते हैं जबकि लाइब्रेरी में स्वतंत्र रूप से अपना समय एक दूसरे के साथ मिलकर अध्ययन कर सकते हैं। 

इस प्रकार यह ग्राम पाठशाला की जो मुहीम चल रही है हर घर गांव में निशुल्क लाइब्रेरी तो आप जो अपने क्षेत्र के गांव में भी है। उनके लिए मैं यही कहना चाहूंगा कि लाइब्रेरी एक वह माध्यम है जो हमारे पूरे गांव को हमारे पूरे गांव को ही नहीं, अपितु पूरे क्षेत्र को एक ऐसे स्तर की ओर बढ़ाकर ले जाएगी जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। हर गांव में लाइब्रेरी की पहल के रूप में बहुत अच्छी मुहिम श्री लालबहार जी ने छेड़ी है। उन्होंने हमें बताया कि इसकी स्थापना का क्या महत्व है। वो इसके उद्घाटन के अवसर  पर आए थे। तब जब उनसे थोड़ी बहुत वार्ता हुई तो भाईजी ने बताया कि ग्राम पाठशाला की मुहिम चल रही है हर गांव लाइब्रेरी तो हमारी टीम यहां आपके क्षेत्र में भी लाइब्रेरी खोलने के लिए संकल्पित है। ग्राम पाठशाला के जो संकल्प हैं वह उनको लेकर आगे बढ़ रही है। अब समय आ गया है कि आपको अपने बच्चों के भविष्य के ऊपर व्यय करना होगा और करना भी चाहिए। प्रत्येक गांव में नि:शुल्क लाइब्रेरी खोलने की पहल करनी होगी और मैं भी आह्वान करता हूं कि अपने क्षेत्र में अपने पूरे देश के हर गांव में अपने लाइब्रेरी खोलिए। आप अगर लाइब्रेरी  खोलोगे तो आपको विजय जी जैसे रिजल्ट और परिणाम देखने को मिलेंगे। हम सब लोग एकत्रित होकर एक सकारात्मक ध्येय की ओर अपने युवाओं को ले जाकर अपने अपने गांव में लाइब्रेरी खोलने के लिए चलें।

जय हिंद जय भारत जय लाइब्रेरी!

https://youtu.be/ZFYMW5XCU38?feature=shared

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