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विकसित भारत का नया मॉडल युवा ही बनाएंगे।



कार्यक्रम सार (उद्घोष)

"इक्कीसवीं सदी में विकसित भारत का नया मॉडल युवा ही बनाएंगे।" डॉ राकेश राणा का उद्घोष 

गंतव्य और उद्देश्य

गंतव्य - राजकीय महाविद्यालय रतनगढ़ (राजस्थान)

उद्देश्य -'अंतर्राष्ट्रीय समाजशास्त्रीय सम्मेलन' : दिनांक १८ जनवरी २०२४ के माध्यम से युवाओं की भूमिका पर विचार विमर्श शीर्षक 'उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य' के अंतर्गत।

मुख्य अतिथि - यंग सोशल साइंटिस्ट  एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. राकेश राणा (एम.एम.एच. कॉलेज, गाजियाबाद के प्रतिनिधि थे मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता भी)।  

वक्तव्य

डॉ. राकेश राणा 

(मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता)

"यह एक वास्तविकता के निकट का सत्य और तथ्य है कि इक्कीसवीं  सदी के विकसित भारत में युवाओं की अहम भूमिका होगी। इस भूमिका को अर्थपूर्ण तथा उपयोगी युवा वर्ग ही बना और सिद्ध कर सकता है।"  

डॉ. सुशील त्यागी 

(कन्वीनर एवं ऑर्गेनाइजर, इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस)

"इस इवेंट का टॉपिक विकसित भारत में युवाओं की भूमिका यदि रखा गया है तो उद्देश्य इस भूमिका को समझना और समझना रहा है। हमारा देश सबसे ज्यादा युवाओं वाला देश है, जबकि ज्यादातर देश वृद्ध हो चले हैं, और वह दिन दूर नहीं जब 2047 के विकसित भारत के सपने को हमारे युवा ही साकार करेंगे। बस हमें केवल ध्यान इस बात पर देना है कि युवाओं की इस ऊर्जा को कैसे चैनेलाइज किया जाए?"

प्रो. (डॉ) अनिल कुमार सक्सेना 

(लॉस एंजिल्स, अमेरिका से प्रतिभाग; कार्यक्रम अध्यक्ष और महाविद्यालय प्राचार्य) 

"कार्यक्रम के अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों को अनंत शुभ कामनाएं कि वो कार्यक्रम के समग्र भाव को आत्मसात कर पा रहे हैं।"

डॉ. जगपाल सिंह 

"युवा समाज में अपनी भूमिका को जान और समझकर राष्ट्र निर्माण में बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करें। इसके लिए रास्ता तय करने में न तो किसी प्रकार का जोखिम है और न ही किसी भी प्रकार की जटिलता।" 

प्रो. कल्याण सिंह चारण 

(वरिष्ठ  संकाय सदस्य) 

"समाजशास्त्र के तत्वाधान में किया जा रहा यह आयोजन युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा ऐसा मेरा यकीन है।

डॉ. सुजीत पायला (समाजशास्त्री और विशिष्ट अतिथि) 

"विकसित भारत में तकनीकी ज्ञान से संपन्न युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और बहुत ही सहज भाव से ऐसा किया जा सकना संभव है।" 

विचार विनिमय और प्रतिभागी

संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों ने भी अतिथियों से अपनी जिज्ञासा शांत करने के ध्येय से प्रश्न किए तथा उन प्रश्नों के माध्यम से अपनी ज्ञान क्षुधा को शांत किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने महाविद्यालय में चल रहे 'नो वेस्ट वाटर डे', इन्नोवेटिव प्रोग्राम के शपथ-पत्र पर हस्ताक्षर कर संयुक्त संकल्प लिया कि वे भी जल संरक्षण की दिशा में सहयोग करेंगे। 

सम्मेलन के  प्रथम दिवस के समापन पर, मुख्य अतिथि ने सभी उपस्थित नागरिकों को सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन हेतु संकल्पबद्ध किया तथा आह्वान किया कि हम इन बुराइयों के उन्मूलन में सहयोग करें। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वालों में अधिकांश युवा और ऊर्जा से भरे युवा थे जिन्होंने समवेत स्वर में अपनी भूमिका को और लिए गए संकल्पों को प्राणप्रण से निभाने का वादा किया।

डॉक्टर राकेश राणा द्वारा प्रेषित प्रेस नोट का उन्नत स्वरूप

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