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अद्भुत मिशन, अद्भुत प्रयास (अपडेटेड)

भूमिका
"भारत: एक पुस्तकालयों का देश" बनाने का मिशन भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और ज्ञान के प्रसार का एक अनूठा प्रयास है। इस मिशन का उद्देश्य है कि हर गाँव और कस्बे में पुस्तकालयों की स्थापना की जाए, ताकि समाज के हर वर्ग, विशेष रूप से ग्रामीण समुदायों, को शिक्षा और जानकारी तक पहुँचने का अवसर मिले।

ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि वहाँ के बच्चों, युवाओं, और वयस्कों को पढ़ने-लिखने का माहौल मिले, जिससे उनकी शिक्षा और बौद्धिक विकास को बढ़ावा मिले। यह पुस्तकालय सिर्फ पढ़ाई के लिए ही नहीं होंगे, बल्कि यह एक सामुदायिक केंद्र के रूप में कार्य करेंगे जहाँ लोग एकत्रित होकर विचारों का आदान-प्रदान कर सकें।

इस मिशन के अंतर्गत, विभिन्न संगठनों और सरकारी योजनाओं की सहायता से पुस्तकालयों का निर्माण किया जाएगा। इन पुस्तकालयों में विविध प्रकार की पुस्तकें, अखबार, और डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए भी सामग्री का संकलन किया जाएगा।

यह पहल न केवल साक्षरता दर को बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में ज्ञान की क्रांति भी लाएगी। इसके माध्यम से भारत को "पुस्तकालयों का देश" बनाने का सपना साकार किया जा सकता है, जहाँ हर व्यक्ति के पास सीखने और बढ़ने के अवसर हों।


शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगे नि:शुल्क पुस्तकालय

नोएडा । शहर के अलग- अलग सेक्टरों और गांवों में लाइब्रेरी निर्माण को लेकर सेक्टर-151 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष बीएस चौधरी ने एजुकेशन प्लेटफार्म के संचालक अंकित भाटी से मिलकर मंथन किया।

ग्राम पाठशाला अभियान की तर्ज पर शहर के हर सेक्टर और गांवों में छात्रों के लिए लाइब्रेरी का निर्माण करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के लिए भटकना न पड़े। लाइब्रेरी में करीब 50 पुस्तकें ऐसी होंगी जो छात्रों क को निःशुल्क रूप से पढ़ने को मिल सकेंगी। ग्राम पाठशाला योजना के तहत अब तक देशभर में करीब दो हजार गांवों में लाइब्रेरी खोली जा चुकी है। सोसाइटी के अध्यक्ष बीएस चौधरी ने बताया, अंकित भाटी के इस कदम को
आगे बढ़ाते हुए ग्राम पाठशाला के तहत नोएडा शहर में भी अलग-अलग सेक्टर और गांवों में लाइब्रेरी का निर्माण जल्द शुरू कराए जाने की बात कही। जल्द ही सेक्टर-151 में लाइब्रेरी खोलकर छात्रों को यह सुविधा दी जाएगी। इसी तरह शहर के अन्य सेक्टर और गांवों में भी काम होगा। (संवाद, अमर उजाला)

समीक्षा (31.08.2024)
समस्त समाज ने लिया हिन्दुस्तान को 'पुस्तकालयों का देश' बनाने का संकल्प।
ग्राम पाठशाला की स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में GN Group of Institutes के सभागार में आयोजित संगोष्ठी में समाज के सैकड़ों प्रबुद्ध लोगों ने 15 अगस्त, 2027 तक देश के प्रत्येक गाँव में निःशुल्क लाइब्रेरी बनवाने के ग्राम पाठशाला के संकल्प को पूर्ण करने का वादा किया है।
इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में प्रबुद्ध जन, शिक्षाविद, राजनेता, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी भी पहुँचे।
सभागार में उपस्थित प्रत्येक प्रबुद्ध व्यक्ति ने ग्राम पाठशाला की मुहिम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और अपने-अपने गाँवों में पुस्तकालय बनाने का संकल्प लिया।
सभी प्रबुद्ध जनों ने एकमत होकर कहा कि वह अपने परिवार की हर खुशी के अवसर पर गाँव की लाइब्रेरी के लिए दान देंगे और अपने संपर्क में आने वाले सभी लोगों को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे।
टीम ग्राम पाठशाला कल की संगोष्ठी में पहुँचकर हमें आशीर्वाद और समर्थन देने वाले सभी प्रबुद्ध जनों का तहेदिल से आभार व्यक्त करती है और आपको विश्वास दिलाती है कि हम अब इस संकल्प को पूरा करने में जी-जान लगा देंगे।
टीम ग्राम पाठशाला GN Group of Institutes के चेयरमैन श्री बिशन लाल गुप्ता जी का भी तहेदिल से आभार व्यक्त करती है जिन्होंने कल की संगोष्ठी के आयोजन की समस्त जिम्मेदारी उठाई।।
जय हिंद 
जय ग्राम पाठशाला













समस्त फोटोग्राफ ज्योति भड़ाना जी के सौजन्य से
अतिरिक्त प्रयास
मुक्त चर्चा
30 अगस्त, 2020 से शुरू हुआ टीम ग्राम पाठशाला का मिशन अपने चार वर्ष पूरे करने जा रहा है। आप सभी के सहयोग से इन चार वर्षों में इस मिशन ने एक आन्दोलन का रूप ले लिया है।
टीम ग्राम पाठशाला ने संकल्प लिया था कि हम 15 अगस्त, 2027 तक देश के प्रत्येक गाँव में निःशुल्क पुस्तकालय बनवाकर हिन्दुस्तान को पुस्तकालयों का देश बना देंगे।
अब इस संकल्प को पूरा करने में तीन वर्ष का समय और शेष है। अब कराया भी और सहयोग भी द्रुत गति से करना होगा।
अब समय आ गया है कि हमारे भीतर जितनी भी ऊर्जा, शक्ति और क्षमता शेष है उसे अपने दृढ़संकल्प को पूरा करने में झोंक दें।
ग्राम पाठशाला पहले दिन से ही लोगों का मिशन है और यह हमेशा लोगों का ही मिशन रहेगा भी। 
ऐसे में टीम ग्राम पाठशाला आपसे अनुरोध करती है कि हमारी संगोष्ठी में शामिल हों और मिशन की शेष तीन वर्षों की कार्ययोजना तय करने के लिए अपने सुझाव दें।
आपके सुझाव इस मिशन की सफलता के लिए बहुत ही अहम हैं।


अभियान का आमंत्रण
*आप सादर आमंत्रित हैं*🙏
30 अगस्त, 2020 से शुरू हुआ टीम ग्राम पाठशाला का मिशन अपने चार वर्ष पूरे करने जा रहा है। आप सभी के सहयोग से इन चार वर्षों में इस मिशन ने एक आन्दोलन का रूप ले लिया है।
टीम ग्राम पाठशाला ने संकल्प लिया था कि हम 15 अगस्त, 2027 तक देश के प्रत्येक गाँव में निःशुल्क पुस्तकालय बनवाकर हिन्दुस्तान को पुस्तकालयों का देश बना देंगे।
अब इस संकल्प को पूरा करने में तीन वर्ष का समय और शेष है।
इस अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। टीम ग्राम पाठशाला आपसे सादर अनुरोध करती है कि इस संगोष्ठी में शामिल हों और मिशन की शेष तीन वर्षों की कार्ययोजना तय करने में अपने कीमती सुझाव दें।आपकी उपस्थिति इस मिशन की सफलता के लिए बहुत ही अहम हैं।

कार्यक्रम स्थल :- GNIT कॉलेज, ग्रेटर नोएडा 
समय:- 2 PM 
दिनाँक: 30 अगस्त, 2024
मिशन :- हर गांव एक लाइब्रेरी 
 #जय ग्रामपाठशाला 🙏





उत्तर भारत में एक मिशन जानी पहचानी अंतरंग भूमिका पुस्तकालयों की स्थापना में निभा रहा है, जिसका नाम है 'ग्राम पाठशाला'। उनका निरंतर प्रयास पुस्तकालयों की स्थापना और पुस्तकालय नियमन की दिशा में है, तो क्षेत्रीय ग्रामीण अंचल के लोग भी उनकी भावनाओं की पवित्रता को महसूस कर निरंतर  सहयोग कर रहे हैं। ग्राम पाठशाला के इस अभियान की विशेषता यह है कि इसके स्वयंसेवी एक पाई भी सहयोग रूप में न लेकर संसाधनों की उत्पत्ति की दिशा में प्रयासरत हैं।                                                                                    मसलन फिलवक्त, उत्तर भारत में कुछ समय से कड़ाके की ठंड पड़ रही है, सो भीषण सर्दी को दृष्टिगत रख उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के गनौली गाँव की लाइब्रेरी के दोनों कक्षों में हीटर लगा दिए गए। परिणामस्वरूप पाठकों की न सिर्फ संख्या में वृद्धि हुई बल्कि उनके शिक्षा के प्रति समर्पण में भी वृद्धि हुई है। पुस्तकालय में  ये  हीटर श्री हरिओम जी के सौजन्य से लगे हैं। अब, यदि सूक्ष्मावलोकन करें तो पाएंगे कि मिशन की पहल पर स्थापित पुस्तकालयों की देखरेख का जज्बा नागरिकों में खुदबाखुद पैदा हो रहा है और अद्भुत सुखद एहसास कराने वाला विषय यह है कि उन्होंने यह भी घोषणा की है कि वह अपनी ओर से गाँवों की लाइब्रेरी में पढ़ रहे बच्चों के लिए ऐसे 51 हीटर दान देना चाहते हैं ताकि बच्चों को ठंड की वज़ह से असुविधा नहीं हो। 
इसी क्रम में गाँवों के बच्चे दिन-रात अपने निःशुल्क पुस्तकालयों में बैठकर पढ़ाई करने में जुटे हैं, तो बच्चों को सर्दी नहीं लग जाये, यही सोचकर ग्रेटर नोएडा के गाँव सुनपुरा में भी गाँव के लोगों ने आपसी सहयोग से लाइब्रेरी में एक अच्छे वाला हीटर लगवा दिया है।      प्रयास जब मिशन बन जाते हैं तो वो माहौल बनाते हैं। आज पुस्तकालयों की स्थापना ने गाँवों में बना दिया पढ़ाई का बेहतरीन माहौल! गौतम बुद्ध नगर जिले के महावड गाँव में लोगों ने आपसी भागीदारी से 24 बच्चों के बैठने की लाइब्रेरी बनाई हुई है और बच्चों के लिए एक-एक करके सभी जरूरी सुविधाएं भी मुहैय्या कराई हुई हैं। अभी दो दिन पहले ही लाइब्रेरी में Wi-Fi लगवाया गया और जल्द ही इनवर्टर भी लगाया जाएगा। इस पुस्तकालय की देखरेख करने वाला थिंक टैंक सुविधाओं में निरंतर वृद्धि के लिए प्रयासरत है। इन प्रयासों ही का परिणाम है कि शाम होते-होते पुस्तकालय की लगभग सभी सीटें फुल हो जाती हैं।

गाँव के सभी लोगों को इस पुण्य कार्य के लिए साधुवाद और लाइब्रेरी में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर भविष्य की हार्दिक शुभकामनाए।समर्पित भाव का यह एक अद्वितीय और अप्रतिम उदाहरण है। और! सुखद एहसास यह कि साधन संपन्न नागरिक बालकों की लक्ष्य सिद्धि के लिए हर प्रतिकूल स्थिति को  निष्प्रभावी कर उनको सिर्फ लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने को प्रेरित करने के मौके कृतसंकल्पित तरीके से सुलभ करा रहे हैं।


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