"शब्द सँभाले बोलिए, शब्द के हाथ न पाँव!"
एक शब्द औषध सा तो एक शब्द करे घाव!
शब्द सँभाले बोलिये, शब्द खींचते ध्यान!
शब्द ही मन घायल करें, शब्द बढ़ायें मान!
शब्द मुँह से छूट गया, शब्द न वापस आय!
शब्द यदि हो प्यार भरा, तुरत ही मन में समाए!
शब्द में निहित भाव रंग का, शब्द है मान महान!
शब्द ही जीवन रूप है शब्द ही दुनिया जहान!
शब्द ही कटुता रोप दे, शब्द ही बैर हटाए!
शब्द जोङ दे टूटा मन, शब्द ही प्यार बढाए।"
अज्ञात
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