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उपलब्धि - A Successful Train Improvement

किसी भी उपागम के सौंदर्यीकरण में मस्तिष्क की भागीदारी मुख्य रूप से डिजाइनरों, इंजीनियरों और कलाकारों द्वारा किए गए रचनात्मक और सौंदर्य संबंधी निर्णयों से संबंधित एक प्रयास है और ऐसे किसी भी उपागम के बाहरी और आंतरिक भाग को डिज़ाइन करने में मस्तिष्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डिज़ाइनर दृश्य रूप से आकर्षक और कार्यात्मक ट्रेन डिज़ाइन विकसित करने के लिए अपनी रचनात्मकता और संज्ञानात्मक कौशल का उपयोग करते हैं। वे सौंदर्यशास्त्र को बढ़ाने के लिए रंग योजनाओं, आकार और सामग्री जैसे कारकों पर विचार करते हैं। ऐसा नवाचारी प्रयास यदि किसी ट्रेन के सौन्दर्य में वृद्धि के ध्येय से किया गया है तो ऐसे मस्तिष्क-चालित निर्णय यात्रियों के लिए सुखद और आरामदायक वातावरण बनाने के लिए ट्रेन के आंतरिक लेआउट और सुविधाओं को प्रभावित कर सकते हैं। इसमें बैठने की जगह, प्रकाश व्यवस्था, सजावट और जहाज पर सेवाओं से संबंधित विकल्प शामिल हैं। कई ट्रेनों में कलाकृति या सजावटी तत्व होते हैं जो उनकी दृश्य अपील में योगदान करते हैं। कलाकार और डिज़ाइनर ट्रेन के डिज़ाइन में भित्ति चित्र, मूर्तियां या अन्य कला रूपों को शामिल करने के लिए अपनी रचनात्मक सोच का उपयोग कर सकते हैं।

महज संयोग नहीं कलात्मकता है ये

इस वर्ष 05.10.2023 को बहुप्रतीक्षित 'वैली क्वीन हेरिटेज ट्रेन' का लोकार्पण मारवाड़ जंक्शन से कामलीघाट के बीच माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस ट्रेन के चलने से अब मारवाड जंक्शन भारत के टूरिस्ट मैप पर हरी भरी घाटियों की सैर के लिये आ गया है, जिससे मारवाड़ क्षेत्र में टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

ये महज संयोग के साथ ही कलात्मकता भी है कि इस ट्रेन के लिये जिस डीजल लोको को स्टीम लोको का हेरिटेज लुक दिया गया है उसको तैयार करने में साहूपाड़ा-दौसा व मारवाड़ जंक्शन में जन्मे भारतीय रेलवे में यांत्रिक इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी मनोज छावड़ा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दरअसल इस विशेष लोको का रखरखाव मावली शेड करता है तथा मावली शेड डीजल शेड आबूरोड का सेटेलाइट शेड है। मारवाड़ जंक्शन के निवासी मनोज छावड़ा वर्तमान में मंडल यांत्रिक इंजीनियर (DME) उत्तर-पश्चिम रेलवे आबूरोड में पदासीन हैं तथा मावली शेड की संपूर्ण जिम्मेदारी इन्हीं की है। मनोज छावड़ा की प्रारंभिक/माध्यमिक स्तर की शिक्षा क्रमशः रेलवे राजकीय स्कूल मारवाड़ जंक्शन में हुई। बाद मे गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज कोटा से B. Tech (यांत्रिक) की उच्च शिक्षा ली। स्थानीय छावड़ा परिवार विगत चार पीढ़ियों से रेल सेवा मे कार्यरत है और यह एक अनूठी उपलब्धि है।

परिचय                                                                                मारवाड़ जंक्शन हेरिटेज ट्रेन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल किया था। ट्रेन के चलने से मारवाड़ जंक्शन में टूरिज्म बढेगा। इस ट्रेन के लिए जिस डीजल लोको को स्टीम लोको का हेरिटेज लुक दिया गया है। यह लुक देने में मारवाड़ जंक्शन के मनोज छावड़ा  का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे पूर्व विधायक भैरूसिंह के भतीजे व वर्तमान में मंडल के यांत्रिक इंजीनियर उत्तर-पश्चिम रेलवे आबूरोड में अधिकारी हैं। इस विशेष लोको का रखरखाव मावली शेड करता है तथा मावली शेड डीजल शेड आबूरोड का सेटेलाइट शेड है। उन्होंने गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज कोटा से बीटेक (यांत्रिक) की उच्च शिक्षा ली।

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