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एक शिक्षिका का मत

शिक्षण को कॅरिअर के रूप में अर्हताएं 

अपनी योग्यता।

अनिवार्य योग्यता- सम्बंधित विषय में से स्नातक/स्नातकोत्तर और साथ में शिक्षण से सम्बंधित कोई डिग्री (नर्सरी ट्रेनिंग, बी.टी सी., बी एड., पी एच डी आदि)।

यह निर्भर करता है कि आप किन कक्षाओं में अध्यापन करना चाहते हैं मसलन नर्सरी, प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक अथवा स्नातक कक्षाएं!

आयु सीमा भी निर्धारित है।आवेदन करते समय आपकी आयु 40 वर्ष से अधिक न हो।आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को कुछ छूट मिली हुई है।

वांछनीय अर्हता- पाठ्येतर गतिविधियों; जैसे वाद-विवाद, भाषण, अभिनय, गायन,लेखन, खेल कूद आदि; के प्रति रुझान।

कम्प्यूटर का बेसिक ज्ञान।

वे योग्यताओं जो समाचार पत्र की पद रिक्तियों में प्रायः नहीं लिखी होतीं परंतु एक सुयोग्य शिक्षक में होनी आवश्यक हैं। आप जान लें कि शिक्षक वह दीपक है जो स्वयं जलकर भी रोशनी बिखेरता है।

आपकी शिक्षा का माध्यम यदि अंग्रेज़ी रहा हो तो आप CBSE विद्यालयों के अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय में आवेदन कर सकते हैं। वैसे ऐसी कोई शर्त सेवा के नियमों में शामिल नहीं है, मगर कई बार हिंदी अथवा प्रादेशिक माध्यम से पढ़े अभ्यर्थी अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालयों में स्वयं को मिसफिट पाते हैं। इससे न केवल उनका अपना आत्मविश्वास कम होता है बल्कि विद्यार्थी भी उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।

शिक्षण में करियर बनाने के लिए विषय का ज्ञान सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, मगर कुछ अन्य गुण भी आपको स्वयं में विकसित करने होंगे, जैसे धैर्य, सत्यप्रियता, निष्पक्षता, बाल मनोविज्ञान का ज्ञान, अधुनातन सामान्य ज्ञान, उच्च नैतिक मूल्य आदि। बच्चे अपने से बड़ों को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं।

शिक्षक का कार्य बहुत महत्वपूर्ण है।आप देश के भावी नागरिकों को शिक्षा के साथ साथ जाने-अनजाने में अपने व्यक्तित्व और व्यवहार का अंश भी दे रहे हैं। बालकों से लेकर किशोर और युवा विद्यार्थियों तक, सबको संभालने का ढंग अलग होता है। ऐसा कोई प्रभाव उन पर मत छोड़िये जिसकी नकारात्मक छाप उन पर पड़े। आप कोई व्यसन नहीं कर सकते। साफ सुथरा रहना भी ज़रूरी है। यदि आप गुटखा चबाते, थूकते हुए कक्षा में जाएंगे तो उसका निश्चय ही दुष्प्रभाव होगा और सभी पर।

मेरा अनुभव कहता है कि 

यदि आपको अध्यापन से लगाव है। आप जीवन भर कुछ नया सीखते रहने को तैयार हैं, तो फिर शिक्षक बनना आपका मजबूरी में लिया गया निर्णय नहीं है।

आपको बच्चों से प्यार है और आप उनके प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को समझते हैं, तब ही शिक्षण में करियर बनाने की ओर आगे कदम बढ़ाएं अन्यथा बहुत से अन्य कार्य हैं जिनमें अच्छा खासा पैसा मिलता है।

अनुरोध के  लिए धन्यवाद।

अंजली सक्सेना

उत्तर कोरा से साभार




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