चेहरे की चमक और हावभाव कुछ वक्त तक कुछ लोगों के साथ संबंध स्थापित कर सकता है.... मगर व्यक्ति जब अपने संघर्ष, वाणी और लेखनी के माध्यम से असंख्य गरीब गुरबे, खेती किसानी, आदिवासी कमेरे वर्ग का भला करने के लिए हर वक्त धरातल पर काम करने की ओर चल पड़ता है तो.... व्यक्ति की रूप छवि से कहीं आगे विचार छवि व्यक्ति से व्यक्तित्व में बदलकर हजारों लोगों के मानस पटल में छा जाती है.... ऐसे ही दो चेहरे आज आपके सामने है... जिनका संघर्ष और विचार हर कबीलाई व्यक्ति के दिल में बस गया..... धर्म धंधे की झालरों से परे वैचारिक लोगों में इनकी जो पैठ आज इस कम समय में बनी है.... वे बहुत कुछ कह रही है... जबकि इनके सामने वक्त अभी बहुत आगे पड़ा है.... अपने संघर्ष और विचारों को मांझते हुए बहुत लंबा सफर तय करेंगे........
बड़े भाई बीएल गुर्जर मालपुरा व क्रांतिकारी साथी महावीर सिंह गुर्जर को जन्मदिन की ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं
बीएल गुर्जर ने अपने कार्य और सोच के बदले राज्य स्तरीय सम्मानित शिक्षक बनने का तमगा तो हासिल किया ही है ही अपनी प्रखर वाणी और कलम के बल पर शोषित दलित और सामाजिक अन्याय से पीड़ित किसान कमेरे वर्ग को आडम्बर और ....... साथ पाखंड से बचाने का अविराम प्रयास जारी कर रखा है.... समाज के वास्तविक इतिहास और संस्कृति को हर मौके पर वास्तविकता के साथ रखते हुए कबीलाई छोरों को नयी राह दी
ई महावीर सिंह गुर्जर बहुत कम समय और कम उम्र में अपने विचारों से भारत वर्ष में जो पहचान बनाई है वे लाजवाब है.... अपनी रंगो में दौडता गर्म कबीलाई खून सदैव अपनी साझी किसान आदिवासी जमात को मुख्य धारा में लाने के लिए कश्मीर से लगाकर रेगिस्तान तक दहाड़ मार रहा है.... सबकुछ अच्छा रहा तो ये ये बुलंद आवाज़ एक दिन विधानसभा में दहाड़ कर कबीलाई वर्ग का अहित चाहने वाले लोगों के कानों में बम सा धमाका करेगी है.... प्रकृति इन कबीलाई छोरों को इतनी हिम्मत और ताकत दे कि ये
छल प्रपंच और धर्म धंधे की नियत से रचा कथित वातावरण के टेंट को आदिवासी जल जमीन और संसाधनों के साथ मन मस्तिष्क से हटाकर साझी कबीलाई विचारों वाली जाजम प्रथा स्थापित कर
Happy birthday दादा भंवर गुर्जर और क्रांतिकारी साथी महावीर भाई।
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