मेरे साथ घटी एक अजीब घटना ने मुझको अंदर तक झकझोर कर रख दिया था।
बात कुछ ऐसी है कि एक दफा मैं किसी कार्य से दूर की यात्रा पर एक दुपहिया वाहन से जा रहा था। वापसी में मेरे बराबर से एक मोटरसाइकिल निकली। उस पर एक युवा जोड़ा सवार था। शायद मियां बीवी ही होंगे। दोनों एक ही अवस्था में सवार थे और शायद बेसुध से भी। बीवी की वेशभूषा ढीलीढाली होने और दुपहिया वाहन पर तेज़ हवा लगने के कारण हवा में लहराने से उसकी कमर तक उठी थी और उसके अंतरंग वस्त्र स्पष्ट दिख रहे थे जिससे रास्ते से गुजरने वाले प्रत्येक आयु का व्यक्ति दृश्य को जीभर कर देख लेने को उत्सुक था। मैं पुराने और परंपरागत विचारों का होने के कारण असहज महसूस कर रहा था। जब मेरी बर्दाश्त से बाहर हो गया तो मैंने अपने वाहन की गति बढ़ाई और उन दोनों के निकट पहुंचकर उनसे वस्त्रों को ठीक करने को कहा। तब उन्होंने वस्त्र ठीक किए।
अब आने जाने वाले उनको छोड़कर मेरे को कठोर निगाहों से देखने लगे। ये सब मेरे लिए बड़ा विचित्र था।
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