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Pay Back to Society

'पे बैक टू सोसाइटी' के विचार के तहत मिशन CUET 2023 की श्रृंखला में चौथा विद्यालय मेरी जन्मभूमि राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेरा गांव मारवाड़ जंक्शन रहा। लगभग 20 वर्ष पहले जहाँ से विद्यालयी शिक्षा पूर्ण की, छठी से बारहवीं कक्षा तक अध्ययन किया, उसी विद्यालय के मंच से दो दशक बाद की पीढ़ी का मार्गदर्शन करने का अवसर मिलना मुझ जैसे असफलताओं की एक लंबी लिस्ट का रिकॉर्ड मेंटेन किए हुए व्यक्ति के लिए जीवन के सबसे गौरवान्वित क्षणों में से एक है। इस बार सहयोग मिला मारवाड़ सेवा समिति का। समिति ने योजनाबद्ध तरीके से निर्णय लिया कि हमारे गांव मारवाड़ जंक्शन, जो अब नगरपालिका हो गया है, के सभी उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को एक साथ एक स्कूल में एकत्रित किया जाए। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जिसे हमेशा बड़ी स्कूल कहा जाता रहा है, के प्रधानाचार्य श्री आर. घनश्याम सापेला जी से चर्चा हुई और उनके एक व्याख्यान सत्र हेतु भी अनुमति मांगी। घनश्याम जी का भी प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी का एक लंबा अनुभव रहा है। पिछले कई वर्षों से पूरे राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों हेतु प्रसिद्ध लक्ष्य और अन्य कई प्रकाशक इनकी पुस्तकों का प्रकाशन करते आए हैं। इस बार के काउंसलिंग सेशन को एक सेमिनार का रूप दिया गया। स्कूल के असेंबली हॉल में स्मार्ट टीवी होने के अवसर को भुनाया गया। इस बार एक PPT तैयार की और उसके माध्यम से CUET 2023 की संपूर्ण जानकारी प्रदान की। प्रासंगिक विषय पूर्व की भांति वही रहे- ज्ञान की असमानता, कैरियर सलेक्शन, भारत में उच्च शिक्षा के स्ट्रेक्चर, रीडिंग एंड रिफ्लेक्शन। प्रधानाचार्य श्री घनश्याम जी सापेला ने स्वयं भी उपस्थित विद्यार्थियों को मोटिवेट किया। उपप्रधानचार्य भंवरसिंह राजपुरोहित, प्रशासनिक अधिकारी दलपत सिंह सांखला अंकल, गोपेश अंकल और अन्य कई स्टाफ शिक्षक सत्र के दौरान उपस्थित रहे और सत्र से पहले व बाद में उत्साहवर्धन भी किया। बड़ी स्कूल एक परिवार है, घर जैसा। पिताजी ने लगभग 35 वर्ष यहां सेवाएं दीं। कई शिक्षक और मेरे गुरुजन आज भी यहां है तो कई शिक्षक जिन्होंने औपचारिक रूप से चाहे मुझे न पढ़ाया हो किंतु इन सभी का सान्निध्य, आशीर्वाद और प्रेम मुझे मिलता रहा है। मेरे बचपन का दोस्त और इसी विद्यालय में रहा सहपाठी अविनाश भाटी अब इसी स्कूल में व्याख्याता है। मारवाड़ सेवा समिति, प्रधानाचार्य सापेला जी, राजेंद्र हल्दानिया सर, विद्यालय के समस्त स्टाफ शिक्षक का हृदय से आभार कि उन्होंने मुझ जैसे महत्वहीन व्यक्ति को ऐसा अवसर दिया। विद्यार्थी मांगीलाल माली और वरिष्ठ लिपिक यादवेंद्र का आभार जिन्होंने PPT प्रेजेंटेशन की तैयारी और ऑपरेट में सहयोग दिया। विद्यार्थी मांगीलाल माली और वरिष्ठ लिपिक यादवेंद्र का आभार जिन्होंने PPT प्रेजेंटेशन की तैयारी और ऑपरेट में सहयोग किया। इमानुएल स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक, मेरे मित्र गजेंद्र जी गौड़ ने भी विषय की संजीदगी को समझा और अपने स्कूल के विद्यार्थियों के साथ सेमिनार में भाग लिया। इस बार मीडिया बंधुओ का भी आभार जिन्होंने मीडिया कवरेज भी की। फोटोज के साथ कुछ वीडियो भी बना लिए थे विद्यालय के एक बालक ने तो सोचा वो भी साझा करूं। इस बार एक अजीब इत्तेफाक भी हुआ। आज से ठीक तीन वर्ष पहले 1 मार्च 2020 को घनश्याम जी के भाई, मेरे मित्र, उपखंड अधिकारी डॉ. दिनेश राय जी के साथ फालना में शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तैयारी हेतु एक सत्र किया था। उनका मार्गदर्शन भी हमेशा से मिलता रहा है। फेसबुक ने वो भी याद दिलाया। इन दोनों भाइयों के संघर्ष का साक्षी रहा हूं। मेरे गांव को गर्व है इन पर। अपनी माताजी के साथ वृद्धाश्रम चलाते है और सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर सहभागिता कर रहे है। 'Pay Back To Society' विचार के तहत हम सभी अलग-अलग क्षेत्रों और अवसरों पर लेकिन एक ही फ्रिक्वेंसी में काम करने वाले लोग हैं। बाबा साहेब की तस्वीर शायद हमको वो आशीर्वाद देती है कि उनके मिशन को आगे बढ़ाने की हिम्मत, ऊर्जा और साहस बरकरार रहे। डॉक्टर प्रशांत कुमार

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