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अनुपम उदाहरण है ग्राम जड़वड़ कटिया

एक गांव है जड़वड़ कटिया, जहां युवाओं में देश सेवा का जज्बा कूट-कूटकर भरा है। अनेक युवा सेना और पुलिस में भर्ती होकर देशसेवा करने में लगे हैं। वहीं, नई पीढ़ी उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए देशसेवा करने के प्रयास में जुटी हुई है। मुजफ्फरनगर जनपद का गांव जड़वड़ कटिया अन्य पिछड़ा वर्ग में शुमार गुर्जर बहुल गांव है और जिला मुख्यालय से लगभग चालीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव के नौजवानों में देश सेवा की भावना को देखते हुए लगभग दो सौ पचास से अधिक नौजवान भारतीय सेना व पुलिस फोर्स में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे हैं। आज भी नौजवान गांव की सड़कों पर दौड़ लगाकर सेना में भर्ती होने के सपने संजोए हुए दिन-रात परिश्रम करते रहते हैं। जिला मुख्यालय से अधिक दूरी की वजह से फिजिकल ट्रेनिंग अथवा लिखित परीक्षा को लेकर आने वाली समस्याओं को भी यहां के युवा दरकिनार करते हैं। संजीव कुमार को जम्मू कश्मीर में साहस दिखाते हुए एक आतंकवादी को ढेर करने पर महामहिम राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार देकर सम्मानित किया जा चुका है। प्रमोद कुमार सूबेदार के पद पर रहते हुए वर्तमान में पटियाला में देश सेवा में लगे हैं। ग्राम प्रधान मामचंद, विनोद कुमार पूर्व प्रधान, अशोक कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य नजर सिंह, पूर्व प्रधान प्रभाष कुमार ने बताया कि हमें अपने गांव के नौजवानों पर गर्व है, जो गांव का नाम निरंतर रोशन कर रहे हैं। यहां के नौजवान हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी ईमानदारी व रुचिपूर्ण निभा रहे हैं। भारत माता के लिए प्राणों की आहुति दे चुके हरविंदर पंवार : केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल कोबरा रेजीमेंट में तैनात रहे हरविंदर पंवार ने 18 जुलाई, 2016 को दुश्मनों का मुकाबला करते हुए भारत माता के नाम प्राण न्यौछावर किए थे। आज जब गांव के बच्चे शहीद हरविंदर पवांर के मकान के सामने से गुजरते हैं। तब गांव के बुजुर्ग उन्हें हरविंदर पवार के बलिदान के बारे में बताकर देश सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। यहां के बालक शिक्षा के क्षेत्र में भी पीछे नहीं हैं गांव जड़वड़ में महर्षि दयानंद इंटर कालेज है। इसमें गांव के युवा शिक्षा ग्रहण कर देश की सेवा व शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने गांव व जनपद का नाम रोशन कर रहे हैं। यहां के डा. रघुवीर शास्त्री ने संस्कृत के विद्वान के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्हें महामहिम राष्ट्रपति द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। वहीं, सत्येंद्र कपासिया डीएवी डिग्री कालेज मुजफ्फरनगर में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष राजनीतिशास्त्र के पद पर कार्यरत हैं। गोपालराज स्वरूप कपासिया अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी बहराइच में कार्यरत है। दर्शन कुमार ने अमेरिका में इंजीनियर के पद पर रहकर अपना परचम लहराया है। 

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