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प्राकृतिक अनुग्रह

मई 2023 का मध्यान्ह था जब हमारे मुहल्ले के वयोवृद्ध श्री मधुसूदन शर्मा जी का सान्निध्य मुझको पुनः प्राप्त हुआ। वे एक निश्छल व्यक्ति हैं। धार्मिक इंसान जिसके पेटपाप कुछ नहीं। उन्होंने मुझसे धार्मिक चर्चा आरंभ कर दी। मेरे अनुग्रह पर श्री कृष्णदत्त शर्मा कृष्ण की इस भजन की अब तक वो दो सौ से ज्यादा रंगीन प्रतियां वे अपने व्यय से वितरित कर चुके हैं।
इसके उपरांत शर्मा साब ने मुझको हनुमत शाश्वत सत्य की कुछ प्रतियाँ वितरित कराने हेतु तैयार कराने को कहा। जो इस रूप में प्रकाशित होकर सामने आई।
इसके उपरांत अब उर्दू में प्रकाशित सुदामा चरित का हिंदी अनुवाद कर उसको संशोधित करने का टास्क उनके द्वारा मुझको दिया गया है।
इस सारी प्रक्रिया के माध्यम से सामान्य नागरिक पर प्रभु कृपा को साक्षात महसूस किया जा रहा है।
राजीव

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