जब गाँव-गाँव पुस्तकालय खुलने लगें तो समझ लीजिए कि लाइब्रेरी क्रांति आ चुकी है। और! मिशन सही राह पर है। ऐसा सिद्ध होता है तब जब लोग अपने घर में ही गाँव के बच्चों के लिए लाइब्रेरी बनाने लगें तो?? यह तो वाकई अद्भुत क्या चमत्कारिक है!
बुलंदशहर जनपद के गांगरौल गाँव की है और इसमें दर्शाई लाइब्रेरी श्री राम गोपाल शर्मा जी अपने गाँव के पैतृक घर में बनवा रहे हैं।
श्री राम गोपाल शर्मा जी दिल्ली के एक नामचीन पुस्तक प्रकाशक हैं।
दोस्तो! अब गाँवों में चौपालों पर चर्चा इस बात पर होने लगी है कि लाइब्रेरी कहाँ और कैसे बनाई जाए? और! जो लोग अपने गाँवों में नहीं रहते उनको नई राह मिल गई है अपने अपने गांवों से जुड़ने के लिए। वह तो और भी बढ़चढ़कर इस मुहिम में आहुति दे रहे हैं ताकि अपने गाँव को कुछ वापिस लौटा सकें। टीम ग्राम पाठशाला श्री राम गोपाल सर को नमन करती है 🙏 रचनाकार - लाल बहार; प्रस्तुति - मासिक उलझन सुलझन।
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