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एकाग्रता

जीवन में सफलता को निर्धारित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक कारक आपकी एकाग्रता है। अतः जीवन में इसको अपना कर लाभान्वित हुआ जा सकता है। आइए जानते हैं कि किस प्रकार हम अपनी एकाग्रता क्षमता में उत्तरोत्तर वृद्धि कर के एकाग्रता से न सिर्फ लाभान्वित हो सकते हैं बल्कि उसकी उपयोगिता को सिद्ध भी कर सकते हैं।

ध्यान रखिए कि जब आप अपने वर्कस्टेशन के सामने बैठें तो पांच मिनट का समय अवश्य लगाएं और व्याकुल करने वाले सभी संभावित स्रोतों के बारे में सोचें और साथ ही उनकी उपयोगिता और नुक़सान की बाबत भी। तत्पश्चात अपने मस्तिष्क को ऐसी व्याकुलताओं से विलग करने की दिशा में यथासंभव प्रयास करें। ऐसा करना मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं। जब कभी भी आपको लगे कि आपका ध्यान भटक रहा है, तो आप अपने मन में उसी शब्द को बार– बार तब तक दुहराते रहें जब तक कि आप जारी काम पर वापस न आ जाएं। लक्ष्य सिद्ध करने के दौरान या पढ़ाई करते समय छोटे छोटे विश्राम लें। ऐसा करने से ना केवल आपका मस्तिष्क तरोताजा होगा बल्कि आपकी एकाग्रता शक्ति में भी वृद्धि होगी। ये एकाग्रता के नियमन की दिशा में प्रयास हैं।

इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे खेल भी हैं जो न सिर्फ आपके दिमाग को तरोताजा करते हैं बल्कि आपकी एकाग्रता शक्ति में भी वृद्धिकारक हैं। ऐसे खेलों के लिए व्यक्ति की एकाग्रता ही मूलभूत ज़रूरत होती है। इस प्रकार के अभ्यास से इन खेलों को खेलने वाले व्यक्ति की निर्णयन क्षमता में भी सुधार होता है।

कहा जाता है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। यदि कोई व्यक्ति रोगग्रस्त है तो उसके लिए अपने मन को एकाग्र कर पाना एक जटिल कार्य है। ऐसे किसी भी व्यक्ति के लिए एकाग्रता में सुधार लाने के लिए शारीरिक व्यायाम और स्वस्थ आहार भी बहुत जरूरी हो जाता है।

याद रखें एकाग्रता शक्ति में सुधार एक धीमी प्रक्रिया है और इसके लिए आपको रोजाना अभ्यास करने की जरूरत है। शुरुआत में हो सकता है कि आपको कोई बदलाव महसूस ही न हो लेकिन धीरे धीरे प्रदर्शन में सुधार अवश्य होगा।

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